एक दोस्त सब के पास होता है ....... कुछ दोस्त होते हैं जो आपके खास होते हैं दिन की शुरुआत और रात का अंत उन्हीं के साथ होता है बात ना करें तो दिन बेकार सा होता है आपके अलावा कुछ खास नहीं होता है जब रोते हैं तो उसी को फोन होता है खुशी की बात सांझा करने का पहला साथ ही वही होता है जब रूठ जाए दुनिया रूठी लग जाती है मनाने में भी मजा खास होता है वह गुस्सा करे आपसे तब एहसास होता है भले कमीना हूं मैं पर वह आपके साथ होता है उसका नाम भी आप आप खुद रखते हैं पहचान उसकी आप से जुड़ जाती है गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड से ऊपर आपकी दोस्ती पहुंच जाती है जन्मदिन भूल कर भी मुस्कुराता है ₹5 के गिफ्ट से मजा उसी के आता है एक दोस्त जो खास होता है......
" निंदा अगर सत्य आधार विहीन है वह निंदा निंदितकर्ता अपनी संतुष्टि करता है ऐसा करने मे वह उपर से हसता है पर अंदर से वह एक अकर्मि पुरुसार्थ हीन मानव होता है ऐसे लोगो पर दया करनी चाहिए, और मुस्कुरा कर शांत हो जाना चाहिए
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